कानपुर, 29 दिसंबर 2025: क्या आपने कभी सोचा कि कचरा ढक्कन भी ‘आर्ट पीस’ बन सकता है? कानपुर की एक दुकान में ऐसा ही चमत्कार हो गया! गुटखा और थूक से लाल-भूरे दागों वाला प्लास्टिक ढक्कन शोकेस में चमक रहा था, जैसे कोई राजस्थानी मिनिएचर पेंटिंग।
एक भोले ग्राहक ने फोटो खींची और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी – बाकी तो नेटिज़न्स ने मीम्स की बाढ़ ला दी! ‘हेरिटेज स्टेन’, ‘रियल इंडिया फील’ और ‘स्वदेशी टैटू’ जैसे टैग्स ट्रेंड करने लगे।
दुकानदार जी का दावा है, “ये तो यूज्ड प्रोडक्ट है, डिस्काउंट पर!” लेकिन सवाल ये कि कौन सा पागल खरीदेगा जो फेंकने लायक है?
नेटिज़न्स चुटकी ले रहे हैं – “अगला स्टेप: पान की पीक से बनी नेल पॉलिश!” सफाई अभियान चलाने वाली सरकारें देख रही होंगी और सोच रही होंगी, “हमारा स्वच्छ भारत यहीं खत्म हो गया।” यह ‘जुगाड़ कल्चर’ की नई ऊंचाई है, जहां गंदगी भी बिकती है!